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संतमत दर्शन, (महर्षि मेंही़-पदावली के प्रथम पद की विस्तृत व्याख्या की पुस्तक )

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    Description

    परम पूज्य गुरुदेव की तेरह कृतियों में एक का नाम है ' महर्षि मॅहीं पदावली ' । इसमें उनके १४२ पद्यों का संग्रह है । इनमें से प्रथम पद्य की संज्ञा ईश - स्तुति ' है । सन्तमत में दीक्षित प्रायः समस्त सत्संगप्रेमी नित प्रातः निष्ठापूर्वक इसका पाठ किया करते हैं । इसमें क्लिष्ट तत्सम शब्दों के रहने के कारण अधिकांश जन इसके अर्थ से अनभिज्ञ रहते थे । । श्रीछोटेलाल मंडलजी " , बी० ए० ( हिन्दी ऑनर्स ) ने इसकी अर्थ - सह व्याख्या करके जन साधारण का बहुत बड़ा उपकार किया है । इसके लिए पुस्तक - प्रणेता को मैं अनेकानेक धन्यवाद और आशीर्वाद देता हूँ ! | - सन्तसेवी । ६ - ३ - १९८९ ई०
    120 पृष्ठों में इस पद की संपूर्ण चर्चा की गई है और सहयोग राशि मात्र ₹30 रखा गया है।