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लाल दास के अंगिका भजन, 108 अंगिका भजनों के साथ संतमत सत्संग की स्तुति प्रार्थना, आरती और ग्रुरु-कीर्तन सहित

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    Min ₹ 50
    Description

    Angika Bhaasha ke jhoomar , sohar , samadan , prabhaatee , svaagat - gaan tatha vidaee - gaan ke saath - saath maharshi maihaan - gunagaan , vinatee , chetaavanee , virah , aatmodgaar aadi se sambandhit pady hain.
    प्रस्तुत पुस्तक के सारे पद्य अंगिका भाषा में हैं। इसमें झूमर, सोहर, समदन, प्रभाती, स्वागत-गान तथा विदाई-गान के साथ साथ महर्षि मेंहीं गुणगान, विनती चेतावनी, बिरहा, आत्मोद्गार आदि से संबंधित पद्य है।
    बढ़िया कागज पर मात्र ₹50/- में उपलब्ध है।