सत्संग सुधा भाग 4/ Satsang Suda Bhag IV.pdf

Share
  • Document
  • 256 KB
₹ 25
Description

आज विज्ञान का युग है । वैज्ञानिक अविष्कारों से नए - नए चमत्कार हो रहे हैं । सुख - सुविधाओं में अभिवृद्धि हो रही है । देश और काल की दूरी दूर हो गई है । परन्तु व्यक्ति के हृदय की दूरी बढ़ गई है ।साहचर्य , सामंजस्य , सहयोग , सद्भाव आदि गुणों का अभाव होता जा रहा है । जीवन के हर क्षेत्र में व्यक्ति राग - रोष , घृणा - द्वेष से संचालित दीखता है । विशेषकर धार्मिक असहिष्णुता देश मैं अशांति फैला रहा है। गुरु महाराज के इन प्रवचनों का पाठ करके आप #उपर्युक्त सद्गुणों को धारण करने में सक्षम हो सकेंगे।#